रविवार, 2 अगस्त 2009

मकान न मिलना चरित्र को तय करता हे

में फिल्म अभिनेता इमरान हाशमी को मकान नहीं मिलना कोई नई बात नहीं है। बात मुसलमान अभिनेता होने की नहीं है। कई मुस्लिम हि दू परिवारों में जहां पेईंग गेस्ट के रूप में रह रहे हैं, वहीं एक अदद श स अपनी श िसयत यदि बताता है तो निश्चित ही किसी दुराभाव को दर्शाता होगा। यदि इमरान हाशमी एक स"ो मुसलमान होते तो फिल्मों में दिखाए जा रहे अपने चरि ाों का अनुसर ा अपने निजी जीवन में नहीं करते। या वे अपनी फिल्म के अंत .... को ताजा करना चाहते हैं जिसमें जो उनकी प्रेयसी रही अभिने ाी ने ही उ हें दिल से तो दूर कर ही दिया था, अपितु दुनिया से दूर करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

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